आईपीएल 2026 के एलिमिनेटर मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स के युवा बल्लेबाज Vaibhav Sooryavanshi को लेकर सोशल मीडिया पर कई बड़े दावे वायरल हो रहे हैं। कुछ पोस्ट्स में कहा जा रहा है कि उन्होंने IPL इतिहास की सबसे तेज प्लेऑफ फिफ्टी लगा दी, जबकि कुछ जगहों पर अलग-अलग गेंदों का आंकड़ा बताया जा रहा है। पड़ताल में सामने आया कि वैभव सूर्यवंशी ने सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 16 गेंदों में अर्धशतक जड़कर IPL प्लेऑफ इतिहास की सबसे तेज फिफ्टी लगाने वाले खिलाड़ियों की बराबरी कर ली।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, राजस्थान रॉयल्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच खेले गए एलिमिनेटर मुकाबले में वैभव ने शुरुआत से ही आक्रामक बल्लेबाजी की। उन्होंने कप्तान Pat Cummins समेत SRH के गेंदबाजों पर लगातार बड़े शॉट लगाए। मैच के शुरुआती चार ओवरों में ही उन्होंने आठ छक्के जड़ दिए और सिर्फ 16 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया।
हालांकि कुछ वायरल पोस्ट्स में यह दावा किया गया कि यह IPL इतिहास की सबसे तेज फिफ्टी है, लेकिन उपलब्ध रिकॉर्ड बताते हैं कि IPL में 14 गेंदों की फिफ्टी का रिकॉर्ड पहले से मौजूद है। वैभव की यह पारी प्लेऑफ मुकाबलों में सबसे तेज अर्धशतकों में जरूर शामिल हो गई है।
मैच के दौरान वैभव सूर्यवंशी ने एक और बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम किया। उन्होंने IPL के एक सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। इससे पहले यह रिकॉर्ड Chris Gayle के नाम था, जिन्होंने 2012 सीजन में 59 छक्के लगाए थे। वैभव ने SRH के खिलाफ अपना 60वां छक्का लगाकर नया रिकॉर्ड बना दिया।
क्रिकेट विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी कम उम्र में बड़े मंच पर इस तरह की बल्लेबाजी करना बेहद खास है। वैभव पहले ही IPL 2026 में सबसे कम उम्र में शतक लगाने वाले बल्लेबाज बन चुके हैं। उन्होंने इससे पहले 35 गेंदों में शतक जड़कर IPL इतिहास का दूसरा सबसे तेज सेंचुरी रिकॉर्ड भी बनाया था।
सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने यह भी दावा किया कि वैभव ने अकेले दम पर मैच जिता दिया, लेकिन मैच रिपोर्ट्स के अनुसार राजस्थान की जीत में अन्य बल्लेबाजों का भी योगदान रहा। हालांकि सबसे ज्यादा चर्चा वैभव की विस्फोटक बल्लेबाजी की ही रही।
पूर्व क्रिकेटरों और फैंस ने भी वैभव सूर्यवंशी की तारीफ की है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वह इसी तरह प्रदर्शन करते रहे तो आने वाले समय में भारतीय क्रिकेट का बड़ा चेहरा बन सकते हैं। IPL 2026 में उनकी बल्लेबाजी लगातार चर्चा का विषय बनी हुई है और विपक्षी टीमें उनके खिलाफ अलग रणनीति बनाने को मजबूर हैं।
