काठमांडू: नेपाल में बुधवार को अचानक आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी। भोटेकोशी नदी में अचानक पानी बढ़ने से कई इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। ताजा जानकारी के मुताबिक इस प्राकृतिक आपदा में कम से कम 95 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 400 लोग लापता बताए जा रहे हैं। लापता लोगों में विदेशी पर्यटक और सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं।
अचानक आई बाढ़ ने मचाई भारी तबाही
नेपाल-चीन सीमा के पास तिब्बत की तरफ हुए हिमस्खलन के बाद नदी का बहाव बाधित होने की आशंका है। इसके बाद अचानक बड़ी मात्रा में पानी नीचे की ओर आया और भोटेकोशी नदी ने विकराल रूप ले लिया।
सबसे ज्यादा नुकसान चीन सीमा के पास स्थित टिमुरे इलाके में हुआ। पानी इतनी तेजी से आया कि लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने का पर्याप्त समय नहीं मिल पाया। कई घर, दुकानें, वाहन और अन्य ढांचे पानी के तेज बहाव में बह गए।
300 से ज्यादा वाहन पानी में बहे
बाढ़ की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सीमा के पास कस्टम चेकपॉइंट पर खड़े 300 से अधिक वाहन और ट्रक पानी में बह गए। बाढ़ का पानी आगे बढ़ते हुए स्याफ्रुबेसी और आसपास के इलाकों तक पहुंचा।
इस आपदा में कई सड़कें और पुल भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक करीब 19 पुल और लगभग 40 किलोमीटर सड़क को भारी नुकसान पहुंचा है। कई जलविद्युत परियोजनाएं और स्थानीय कारोबारी प्रतिष्ठान भी प्रभावित हुए हैं।
करीब 400 लोग लापता, विदेशी नागरिक भी शामिल
नेपाल में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। अधिकारियों के अनुसार बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता हैं। इनमें विदेशी नागरिक और सुरक्षा बलों के जवान भी शामिल बताए जा रहे हैं।
सड़क और पुलों के क्षतिग्रस्त होने के कारण राहत टीमों को प्रभावित इलाकों तक पहुंचने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। सुरक्षा एजेंसियां हेलीकॉप्टर और अन्य माध्यमों से लोगों को सुरक्षित निकालने की कोशिश कर रही हैं।
समय पर चेतावनी नहीं मिलने से बढ़ी परेशानी
इस हादसे ने नेपाल की बाढ़ चेतावनी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। बाढ़ इतनी तेजी से आई कि कई निगरानी उपकरण भी पानी की चपेट में आ गए। निचले इलाकों में चेतावनी जारी की गई, लेकिन कुछ स्थानों पर लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल सका।
विशेषज्ञों का मानना है कि हिमालयी क्षेत्रों में रियल-टाइम निगरानी, बेहतर मौसम पूर्वानुमान और समय पर चेतावनी देने की व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है।
राहत और बचाव अभियान जारी
फिलहाल नेपाल सरकार और सुरक्षा एजेंसियों की प्राथमिकता लापता लोगों की तलाश और प्रभावित नागरिकों तक राहत पहुंचाना है। प्रशासन नदी के जलस्तर और मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है।
