आज यानी 3 अप्रैल 2026 को रात के समय अचानक दिल्ली और आसपास के इलाकों (NCR) की धरती कांप उठी। झटके कुछ सेकंड तक महसूस किए गए। तीव्रता इतनी थी कि पंखे, झूमर और खिड़कियां हिलने लगीं। भूकंप के तुरंत बाद लोगों में दहशत फैल गई। लोग "भूकंप-भूकंप" चिल्लाते हुए खुले मैदानों और पार्कों की ओर भागे।
भूकंप का केंद्र और तीव्रता (Epicenter & Magnitude)
शुरुआती जानकारी और नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार:- शुक्रवार देर शाम (लगभग 9:45 PM - 10:15 PM के बीच) दिल्ली-NCR समेत पूरे उत्तर भारत में भूंकप ने घरती को कंपा दिया। जिसकी तीव्रता: रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 5.8 से 6.3 के बीच बताई जा रही है।
केंद्र (Epicenter): भूकंप का मुख्य केंद्र अफगानिस्तान का हिंदू कुश क्षेत्र बताया जा रहा है। इसका असर जम्मू-कश्मीर, पंजाब और दिल्ली-NCR तक देखा गया। वहीं, कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, हरियाणा के झज्जर के पास भी स्थानीय स्तर पर 4.4 तीव्रता का झटका महसूस किया गया है।
उत्तर भारत के इन शहरों में महसूस हुए झटके भूकंप का असर केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहा। उत्तर भारत के एक बड़े हिस्से में झटके महसूस किए गए:
दिल्ली-NCR: नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और गुरुग्राम।
जम्मू-कश्मीर: श्रीनगर, पुंछ और उधमपुर में काफी तेज झटके लगे।
पंजाब और हरियाणा: चंडीगढ़, अमृतसर और रोहतक।
राजस्थान: जयपुर और अलवर के कुछ हिस्सों में भी कंपन महसूस हुआ।
जान-माल के नुकसान की खबर?
अभी तक प्रशासन या आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से किसी बड़े जान-माल के नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, जम्मू-कश्मीर और पहाड़ी इलाकों में कुछ पुरानी इमारतों में दरारें आने की खबरें सोशल मीडिया पर आ रही हैं। दिल्ली पुलिस और दमकल विभाग अलर्ट मोड पर हैं।
भूकंप आने पर क्या करें? (Safety Tips)
घबराएं नहीं: शांत रहें और दूसरों को भी शांत रखने की कोशिश करें।
खुले में जाएं: अगर आप इमारत के अंदर हैं, तो तुरंत बाहर खुले मैदान में निकल जाएं।
लिफ्ट का प्रयोग न करें: सीढ़ियों का इस्तेमाल करें। लिफ्ट में फंसने का खतरा रहता है।
मजबूत चीज के नीचे छिपें: अगर बाहर निकलना संभव न हो, तो किसी मजबूत टेबल या बेड के नीचे 'Drop, Cover, and Hold' का पालन करें।
