प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर अपने संबोधन के जरिए देश की सियासत में हलचल तेज कर दी है। एक ओर जहाँ उन्होंने विपक्षी दलों की नीतियों और कार्यशैली पर तीखा हमला बोला, वहीं दूसरी ओर देश की 'नारी शक्ति' के प्रति समर्पण भाव दिखाते हुए एक भावुक अपील भी की। पीएम ने स्पष्ट किया कि 'विकसित भारत' के निर्माण में महिलाओं की भूमिका सबसे अहम रहने वाली है।
विपक्ष पर जमकर बरसे प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत विपक्ष के 'परिवारवाद' और 'तुष्टिकरण' की राजनीति पर प्रहार करते हुए की। उन्होंने कहा कि दशकों तक देश में ऐसी सरकारें रहीं जिन्होंने केवल अपने स्वार्थ को प्राथमिकता दी, जिसके कारण देश का सामान्य नागरिक बुनियादी सुविधाओं के लिए तरसता रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी सरकार कोई जनकल्याणकारी योजना लाती है, विपक्ष उसमें अड़ंगा लगाने का काम करता है।
नारी शक्ति से माफी और भावुक अपील
भाषण का सबसे चर्चा में रहने वाला हिस्सा वह था जब पीएम ने देश की महिलाओं से माफी मांगी। उन्होंने कहा, "मैं उन माताओं और बहनों से क्षमा मांगता हूं, जिन्हें पिछली सरकारों की अनदेखी के कारण दशकों तक धुएं में खाना बनाना पड़ा, खुले में शौच जाना पड़ा और पानी के लिए मीलों चलना पड़ा।" यह कहकर उन्होंने सीधे तौर पर करोड़ों ग्रामीण महिलाओं के दिलों को छूने की कोशिश की। महिला आरक्षण और सशक्तिकरण का रोडमैप पीएम मोदी ने 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' (महिला आरक्षण) को अपनी सरकार की ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने वादा किया कि यह आरक्षण केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देश की पंचायतों से लेकर संसद तक महिलाओं की गूँज सुनाई देगी। उन्होंने 'लखपति दीदी' और 'नमो ड्रोन दीदी' जैसी योजनाओं का जिक्र करते हुए बताया कि कैसे उनकी सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बना रही है।
संबोधन की 10 प्रमुख बातें:
भ्रष्टाचार मुक्त भारत: भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रहेगी।
आरक्षण का वादा: नीति-निर्धारण में महिलाओं की 33% हिस्सेदारी सुनिश्चित करना।
मुफ्त राशन योजना: गरीब कल्याण अन्न योजना का विस्तार जारी रहेगा।
सुरक्षा सर्वोपरि: महिलाओं की सुरक्षा के लिए कड़े कानूनों का कार्यान्वयन।
डिजिटल इंडिया: ग्रामीण महिलाओं को तकनीक से जोड़ना।
स्वास्थ्य क्रांति: आयुष्मान कार्ड के जरिए महिलाओं के मुफ्त इलाज की सुविधा।
आवास का अधिकार: पीएम आवास योजना के तहत घर की मालकिन महिलाओं को बनाना।
युवा शक्ति: युवाओं के लिए नए रोजगार और स्टार्टअप के अवसर।
सांस्कृतिक गौरव: विरासत और विकास को एक साथ लेकर चलना।
विकसित भारत 2047: अगले 25 वर्षों में भारत को विश्व गुरु बनाने का संकल्प।
