चीन के उत्तरी प्रांत शांक्सी (Shanxi) से एक बेहद दर्दनाक और भीषण हादसे की खबर सामने आई है। यहाँ के किनयुआन काउंटी (Qinyuan County) स्थित लिउशेन्यू कोयला खदान (Liushenyu Coal Mine) में हुए एक जोरदार गैस विस्फोट (Gas Explosion) के कारण कम से कम 90 खनिकों (Miners) की मौत हो गई है। यह हादसा पिछले एक दशक में चीन की सबसे भीषण कोयला खदान आपदाओं में से एक माना जा रहा है। इस दुखद घटना पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक व्यक्त किया है और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट की हैं।
कैसे हुआ हादसा और रेस्क्यू ऑपरेशन की स्थिति
स्थानीय प्रशासन और चीनी सरकारी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह भयानक हादसा शुक्रवार शाम करीब 7:30 बजे (स्थानीय समयानुसार) हुआ। धमाके के वक्त खदान के भीतर कुल 247 कर्मचारी काम कर रहे थे। शुरुआती जांच में सामने आया है कि खदान के भीतर जहरीली गैस 'कार्बन मोनोऑक्साइड' का स्तर अचानक तय सीमा से बहुत अधिक बढ़ गया था, जिसके तुरंत बाद यह जोरदार धमाका हुआ। धमाका इतना शक्तिशाली था कि खदान का एक बड़ा हिस्सा ढह गया। घटना के बाद बड़े पैमाने पर राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। अब तक लगभग 201 खनिकों को सुरक्षित या घायल अवस्था में बाहर निकाला जा चुका है, जिनमें से 123 लोगों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। अस्पताल में भर्ती घायलों में से कुछ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। लापता खनिकों की तलाश के लिए रेस्क्यू टीमें लगातार जमीनी स्तर पर जुटी हुई हैं।
पीएम मोदी ने जताया दुख, राष्ट्रपति शी जिनपिंग को भेजा संदेश
इस वैश्विक त्रासदी पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर पोस्ट साझा करते हुए अपनी संवेदना व्यक्त की। पीएम मोदी ने लिखा, "चीन के शांक्सी प्रांत में एक माइनिंग हादसे में लोगों की मौत से बेहद दुखी हूं। भारत के लोगों की ओर से, मैं राष्ट्रपति शी जिनपिंग और चीन की जनता के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। ईश्वर शोक संतप्त परिवारों को इस कठिन समय में शक्ति प्रदान करे। मैं लापता लोगों की जल्द और सुरक्षित वापसी की प्रार्थना करता हूँ।"
