मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में हुए दर्दनाक हादसे को लेकर सोशल Media और कई वेबसाइटों पर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। कहीं मृतकों की संख्या बढ़ाकर बताई जा रही है तो कहीं राहत-बचाव अभियान को लेकर भ्रामक जानकारी शेयर की जा रही है। पड़ताल में सामने आया कि पन्ना जिले में निर्माणाधीन कुएं की मिट्टी धंसने से 5 मजदूरों की मौत हुई है, जबकि दो मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
घटना पन्ना जिले के अजयगढ़ विकासखंड के बीहरपुरवा गांव की बताई जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ग्राम पंचायत क्षेत्र में मनरेगा योजना के तहत पुराने कुएं का निर्माण कार्य चल रहा था। इसी दौरान मजदूर कुएं के अंदर खुदाई कर रहे थे, तभी अचानक मिट्टी धंस गई और कई मजदूर मलबे में दब गए।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। अधिकारियों के अनुसार हादसे के समय कुल सात मजदूर काम कर रहे थे। इनमें से दो मजदूर किसी कारण से ऊपर आ गए थे, जिससे उनकी जान बच गई, लेकिन बाकी पांच मजदूर मलबे में दब गए। बाद में सभी के शव बाहर निकाले गए।
कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया कि हादसे में 6 या उससे ज्यादा लोगों की मौत हुई है, लेकिन अब तक प्रशासन और अधिकांश विश्वसनीय मीडिया रिपोर्ट्स में 5 मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई है। हालांकि कुछ शुरुआती रिपोर्ट्स में संख्या को लेकर भ्रम जरूर दिखाई दिया।
मृतकों की पहचान आशीष यादव, राजकुमार यादव, रामपाल यादव, चुन्नू यादव और चुनवाद पाल के रूप में हुई है। प्रशासन ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं जिला प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।
घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कुएं की खुदाई के दौरान पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं थे। विशेषज्ञों का मानना है कि मिट्टी धंसने वाले इलाकों में निर्माण कार्य के दौरान तकनीकी निगरानी और सुरक्षा उपाय बेहद जरूरी होते हैं। ऐसे मामलों में मजदूरों के लिए सुरक्षा उपकरण और मजबूत सपोर्ट सिस्टम होना चाहिए।
बीजेपी सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने भी घटना पर दुख जताया और कहा कि प्रशासन पीड़ित परिवारों की मदद के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। जिला कलेक्टर और पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य की निगरानी की।
फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। शुरुआती जानकारी के अनुसार हादसा अचानक मिट्टी धंसने की वजह से हुआ, लेकिन तकनीकी लापरवाही की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा।
