पश्चिम बंगाल की राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने पार्टी के सभी संगठनात्मक पदों से इस्तीफा दे दिया। सोशल मीडिया पर इस खबर को लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं। कुछ पोस्ट्स में दावा किया गया कि काकोली घोष जल्द बीजेपी में शामिल होने वाली हैं, जबकि कुछ जगहों पर कहा गया कि पार्टी नेतृत्व के साथ गंभीर मतभेद के चलते उन्होंने यह कदम उठाया। पड़ताल में सामने आया कि उन्होंने संगठनात्मक पदों से इस्तीफा जरूर दिया है, लेकिन फिलहाल उन्होंने टीएमसी की प्राथमिक सदस्यता या सांसद पद नहीं छोड़ा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, काकोली घोष दस्तीदार ने पार्टी अध्यक्ष सुभ्रत बख्शी को पत्र लिखकर अपने सभी संगठनात्मक दायित्वों से मुक्त करने का अनुरोध किया। वह टीएमसी महिला विंग की राष्ट्रीय अध्यक्ष समेत कई अहम जिम्मेदारियां संभाल रही थीं।
यह घटनाक्रम उस समय और ज्यादा चर्चा में आ गया जब वह पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की अध्यक्षता वाली एक प्रशासनिक बैठक में शामिल हुईं। बताया जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व ने उन्हें इस बैठक में शामिल नहीं होने की सलाह दी थी, इसके बावजूद उनकी मौजूदगी ने राजनीतिक अटकलों को तेज कर दिया।
हालांकि सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने दावा किया कि काकोली घोष ने टीएमसी छोड़ दी है, लेकिन उपलब्ध आधिकारिक जानकारी में ऐसा कोई उल्लेख नहीं मिला। उन्होंने केवल संगठनात्मक पदों से इस्तीफा दिया है और वह अभी भी लोकसभा सांसद बनी हुई हैं।
काकोली घोष ने अपने इस्तीफे में पार्टी के अंदरूनी माहौल और कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। रिपोर्ट्स के अनुसार उन्होंने पत्र में लिखा कि पार्टी के भीतर “अशोभनीय व्यवहार” और नेतृत्व की ओर से सहयोग की कमी ने उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया। साथ ही उन्होंने भ्रष्टाचार, शिक्षक भर्ती घोटाले और राशन घोटाले जैसे मुद्दों का भी जिक्र किया।
इसके अलावा उन्होंने चुनावी रणनीतिकार संस्था I-PAC के बढ़ते प्रभाव को लेकर भी नाराजगी जताई। काकोली घोष का कहना था कि यदि लोकतांत्रिक राजनीतिक संस्कृति की जगह अपारदर्शी प्रभाव बढ़ेगा तो यह पार्टी की विचारधारा के लिए अच्छा नहीं होगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिम बंगाल में हालिया राजनीतिक घटनाक्रम और चुनावी झटकों के बाद टीएमसी के भीतर असंतोष बढ़ता दिख रहा है। पिछले कुछ दिनों में कई नेताओं ने संगठनात्मक पदों से इस्तीफा दिया या सार्वजनिक तौर पर नाराजगी जाहिर की है।
हालांकि अभी तक काकोली घोष दस्तीदार की ओर से बीजेपी में शामिल होने को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं टीएमसी नेतृत्व ने भी उनके इस्तीफे पर विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी है। ऐसे में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे बीजेपी जॉइन करने के दावों की फिलहाल आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
