कर्नाटक की राजनीति में गुरुवार को बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री Siddaramaiah ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। पिछले कई दिनों से चल रही अटकलों के बीच आखिरकार उन्होंने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया। इसके बाद पूरे राज्य में राजनीतिक हलचल तेज हो गई और कई जगहों पर समर्थकों ने विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिए। माना जा रहा है कि अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और डिप्टी सीएम DK Shivakumar राज्य की कमान संभाल सकते हैं।
सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस नेतृत्व लंबे समय से कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन पर विचार कर रहा था। पार्टी के भीतर Siddaramaiah और DK Shivakumar के बीच सत्ता संतुलन को लेकर चर्चाएं लगातार चल रही थीं। इसी बीच कांग्रेस विधायक RV Deshpande के बयान ने राजनीतिक माहौल और गरमा दिया था। उन्होंने दावा किया था कि मुख्यमंत्री 24 घंटे के भीतर इस्तीफा दे सकते हैं।
इस्तीफे के बाद बेंगलुरु समेत कई जिलों में समर्थकों का गुस्सा देखने को मिला। कई जगह कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए और “सिद्धारमैया वापस लाओ” के नारे लगाए गए। सोशल मीडिया पर भी #Siddaramaiah और #KarnatakaPolitics तेजी से ट्रेंड करने लगे। कुछ समर्थकों ने इसे कांग्रेस के अंदरूनी दबाव का परिणाम बताया, जबकि विपक्ष ने इसे सरकार की विफलता करार दिया।
इस्तीफे के दौरान Siddaramaiah भावुक भी नजर आए। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि उन्होंने अपना वादा निभाया और जनता के लिए पूरी ईमानदारी से काम किया। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व का आभार जताते हुए कहा कि पार्टी का निर्णय उनके लिए सर्वोपरि है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बदलाव 2028 के विधानसभा चुनावों की रणनीति का हिस्सा हो सकता है। कांग्रेस अब DK Shivakumar के नेतृत्व में नए समीकरण बनाने की कोशिश कर सकती है। हालांकि पार्टी की ओर से अभी तक आधिकारिक तौर पर नए मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में DK Shivakumar का नाम सबसे आगे माना जा रहा है।
Siddaramaiah कर्नाटक के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले नेताओं में शामिल रहे हैं। उन्होंने 2013 से 2018 तक और फिर 2023 से 2026 तक राज्य की कमान संभाली। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई जनकल्याणकारी योजनाएं शुरू कीं, जिनमें महिलाओं के लिए फ्री बस यात्रा और सामाजिक कल्याण योजनाएं प्रमुख रहीं।
फिलहाल पूरे राज्य की नजर कांग्रेस हाईकमान के अगले फैसले पर टिकी हुई है। अगर DK Shivakumar मुख्यमंत्री बनते हैं तो यह कर्नाटक की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जाएगी।
