उत्तर प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। भीषण गर्मी और लू से परेशान लोगों को अब तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने राज्य के 43 जिलों में तेज तूफान और भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही कई इलाकों में बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना भी जताई गई है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय होने के कारण उत्तर भारत के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। इसी के असर से उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर शुरू हो सकता है। कई जिलों में 50 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है।
लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, मेरठ और आगरा समेत कई शहरों में बादल छाने लगे हैं। मौसम विभाग ने किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खुले स्थानों पर खड़े होने, पेड़ों के नीचे रुकने और खराब मौसम के दौरान यात्रा से बचने की अपील की गई है। कई जिलों में ओलावृष्टि की संभावना के चलते फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका भी जताई जा रही है।
पिछले कुछ दिनों से उत्तर प्रदेश में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच रहा था, जिससे लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा था। लेकिन मौसम में आए इस बदलाव से तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश और तेज हवाओं के कारण लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी, हालांकि तूफान और बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा।
दिल्ली-एनसीआर और आसपास के इलाकों में भी मौसम का असर दिखाई देने लगा है। कई जगहों पर धूल भरी आंधी और हल्की बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों तक उत्तर भारत के कई हिस्सों में खराब मौसम बने रहने की संभावना जताई है।
विशेषज्ञों के मुताबिक मई के अंतिम सप्ताह में अचानक मौसम बदलना असामान्य नहीं है, लेकिन इस बार आंधी और ओलावृष्टि का दायरा काफी बड़ा माना जा रहा है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों और पशुओं की सुरक्षा के लिए पहले से इंतजाम कर लें। वहीं प्रशासन को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
