नई दिल्ली। मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स का बहुप्रतीक्षित IPO आज, 21 अक्टूबर 2026 को निवेशकों के लिए खुल गया है। इस IPO को लेकर बाजार में काफी चर्चा है। खास बात यह है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के पात्र शेयरधारकों के लिए 2,500 करोड़ रुपये के शेयर आरक्षित रखे गए हैं। इससे उन्हें सामान्य रिटेल निवेशकों के अलावा एक अलग श्रेणी में आवेदन करने का अवसर मिल सकता है। हालांकि, इस कोटे में आवेदन करने से शेयर मिलने की गारंटी नहीं है। <Cite refs={["turn712481news4","turn712481search3"]}/>
Jio IPO की कीमत और तारीख जान लें
जियो प्लेटफॉर्म्स ने IPO के लिए प्रति शेयर 1,065 रुपये से 1,119 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। यह सार्वजनिक निर्गम 21 अक्टूबर से 23 अक्टूबर 2026 तक खुला रहेगा।
- IPO खुलने की तारीख: 21 अक्टूबर 2026
- आवेदन की अंतिम तारीख: 23 अक्टूबर 2026
- प्राइस बैंड: 1,065 से 1,119 रुपये प्रति शेयर
- एक लॉट में शेयर: 12
- एक लॉट के लिए अधिकतम कीमत: 13,428 रुपये
- संभावित अलॉटमेंट तारीख: 26 अक्टूबर 2026
- संभावित लिस्टिंग तारीख: 28 अक्टूबर 2026
ऊपरी प्राइस बैंड पर इस IPO का आकार करीब 30,213 करोड़ रुपये है। इसके साथ ही यह भारतीय शेयर बाजार के सबसे बड़े IPO में शामिल होने जा रहा है। <Cite refs={["turn712481news4","turn712481search5"]}/>
किन निवेशकों को मिलेगा शेयरधारक कोटे का लाभ?
जिन निवेशकों के पास 14 अक्टूबर 2026 तक रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर थे, वे निर्धारित शर्तें पूरी करने पर जियो IPO के शेयरधारक कोटे में आवेदन कर सकते हैं। इस श्रेणी के लिए रिलायंस का केवल एक शेयर होना भी पर्याप्त हो सकता है।
हालांकि, 14 अक्टूबर या उसके बाद रिलायंस के शेयर खरीदने वाले निवेशक इस विशेष कोटे के पात्र नहीं होंगे। इसलिए केवल अब रिलायंस का शेयर खरीदकर जियो IPO के शेयरधारक कोटे का लाभ नहीं लिया जा सकता।
इस कोटे के तहत पात्र निवेशक अधिकतम 2 लाख रुपये तक के शेयरों के लिए आवेदन कर सकते हैं। <Cite refs={["turn712481news4","turn712481search3"]}/>
क्या एक ही PAN से दो आवेदन कर सकते हैं?
पात्र रिलायंस शेयरधारकों के लिए एक महत्वपूर्ण बात यह है कि वे शेयरधारक आरक्षण और सामान्य रिटेल श्रेणी, दोनों में आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए प्रत्येक श्रेणी में अलग आवेदन करना होगा और संबंधित नियमों का पालन करना जरूरी है।
दोनों श्रेणियों में आवेदन करने से निवेशक को दो अलग-अलग आवंटन प्रक्रियाओं में शामिल होने का अवसर मिल सकता है। लेकिन इससे शेयर मिलने की निश्चितता नहीं बढ़ती, क्योंकि अंतिम अलॉटमेंट प्रत्येक श्रेणी में मांग और उपलब्ध शेयरों पर निर्भर करेगा।
एक ही श्रेणी में एक ही PAN से कई आवेदन करने से आवेदन रद्द होने का जोखिम रहता है। इसलिए आवेदन करने से पहले IPO के आधिकारिक दस्तावेज और अपने ब्रोकर के निर्देश जरूर जांचें।
क्या जियो IPO में पैसा लगाना फायदेमंद होगा?
जियो प्लेटफॉर्म्स का कारोबार मोबाइल नेटवर्क, ब्रॉडबैंड, डिजिटल सेवाओं और एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में फैला है। कंपनी का बड़ा ग्राहक आधार निवेशकों की दिलचस्पी की प्रमुख वजहों में शामिल है।
IPO खुलने से पहले एंकर निवेशकों ने करीब 8,110 करोड़ रुपये के शेयरों के लिए आवंटन प्राप्त किया, जबकि इस श्रेणी में लगभग 2.5 लाख करोड़ रुपये की बोलियां मिलने की रिपोर्ट आई। यह संस्थागत निवेशकों की मजबूत रुचि का संकेत है, लेकिन इससे रिटेल निवेशकों की मांग या लिस्टिंग के बाद मुनाफे की गारंटी नहीं मिलती। <Cite refs={["turn712481search0","turn712481search1"]}/>
निवेश करने से पहले कंपनी का मूल्यांकन, कारोबार की संभावनाएं, जोखिम और अपनी वित्तीय स्थिति को समझना जरूरी है। केवल IPO की लोकप्रियता या बाजार में चल रही चर्चाओं के आधार पर निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए।
जियो IPO में अलॉटमेंट कब होगा?
मौजूदा कार्यक्रम के अनुसार, जियो IPO के शेयरों का अलॉटमेंट 26 अक्टूबर को होने की उम्मीद है, जबकि शेयरों की लिस्टिंग 28 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित है। अंतिम तारीखों की पुष्टि कंपनी और स्टॉक एक्सचेंज की आधिकारिक सूचना से करनी चाहिए।
रिलायंस के पात्र शेयरधारकों के लिए अलग कोटा इस IPO की प्रमुख विशेषताओं में से एक है। निवेशकों को आवेदन करते समय पात्रता, बोली की सीमा और अलॉटमेंट के नियमों का ध्यान रखना चाहिए।
