कर्नाटक की राजनीति में इन दिनों बड़ा सियासी भूचाल देखने को मिल रहा है। सोशल मीडिया और कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री Siddaramaiah जल्द अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं और उनकी जगह डिप्टी सीएम D. K. Shivakumar को मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। इस खबर ने राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक हलचल बढ़ा दी है।
हालांकि, इस पूरे मामले को लेकर कई तरह की अफवाहें भी फैल रही हैं। ऐसे में फैक्ट चेक करना बेहद जरूरी हो जाता है।
दरअसल, दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान के साथ हुई लंबी बैठकों के बाद यह अटकलें तेज हुईं कि पार्टी कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन पर विचार कर रही है। कई राष्ट्रीय मीडिया संस्थानों ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि सिद्धारमैया को राष्ट्रीय राजनीति में बड़ी भूमिका देने की तैयारी हो रही है और उन्हें राज्यसभा भेजा जा सकता है।
कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया कि कांग्रेस नेतृत्व ने डीके शिवकुमार के पक्ष में सहमति बना ली है। हालांकि कांग्रेस की तरफ से अब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
फैक्ट चेक में सामने आया है कि फिलहाल मुख्यमंत्री पद से सिद्धारमैया के इस्तीफे की पुष्टि आधिकारिक रूप से नहीं हुई है। कांग्रेस नेताओं ने सार्वजनिक तौर पर इसे “सिर्फ अटकल” बताया है। पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि दिल्ली बैठक में मुख्य रूप से राज्यसभा चुनाव, संगठनात्मक रणनीति और आगामी चुनावों की तैयारी पर चर्चा हुई।
हालांकि राजनीतिक जानकार मानते हैं कि कांग्रेस के भीतर लंबे समय से “पावर शेयरिंग फॉर्मूला” को लेकर चर्चा चल रही है। 2023 में सरकार बनने के समय भी सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार दोनों मुख्यमंत्री पद के प्रमुख दावेदार थे। उस समय पार्टी ने सिद्धारमैया को मुख्यमंत्री और डीके शिवकुमार को डिप्टी सीएम बनाया था।
अब सरकार के कार्यकाल का बड़ा हिस्सा पूरा होने के बाद नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाएं फिर तेज हो गई हैं। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि अगले दो-तीन दिनों में बड़ा फैसला हो सकता है।
सोशल मीडिया पर कई यूजर्स यह दावा कर रहे हैं कि “सिद्धारमैया ने इस्तीफा दे दिया”, लेकिन फैक्ट चेक में यह दावा गलत और भ्रामक पाया गया। अभी तक न तो मुख्यमंत्री कार्यालय और न ही कांग्रेस हाईकमान की तरफ से इस्तीफे की आधिकारिक पुष्टि की गई है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि कांग्रेस नेतृत्व कर्नाटक में किसी भी बदलाव को बेहद सावधानी से करना चाहता है क्योंकि आने वाले चुनावों में राज्य की राजनीति राष्ट्रीय स्तर पर भी असर डाल सकती है।
फिलहाल इतना साफ है कि कर्नाटक कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चर्चाएं जरूर तेज हैं, लेकिन सिद्धारमैया के इस्तीफे को लेकर अभी आधिकारिक मुहर नहीं लगी है। इसलिए सोशल मीडिया पर वायरल दावों को पूरी तरह सच मानना जल्दबाजी होगी।
