नई दिल्ली: सोना और चांदी खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए बाजार से अहम खबर सामने आई है। बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। रुपये की मजबूती, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोर रुझान के कारण कीमती धातुओं पर दबाव देखने को मिला। बाजार में आई इस गिरावट से निवेशकों का ध्यान एक बार फिर सोने-चांदी की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव पर गया है।
सोना 1,300 रुपये सस्ता, चांदी में भी गिरावट
ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत 1,300 रुपये घटकर 1,49,000 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई। इसमें सभी कर शामिल हैं। इससे पिछले कारोबारी सत्र में सोना 1,50,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।
वहीं, चांदी की कीमत में भी गिरावट दर्ज की गई। चांदी 1,600 रुपये टूटकर 2,13,400 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। इससे पहले इसका भाव 2,15,000 रुपये प्रति किलोग्राम था।
कीमतों में आई इस गिरावट के पीछे घरेलू मुद्रा में मजबूती और वैश्विक बाजार की परिस्थितियों को अहम वजह माना जा रहा है। हालांकि, दिल्ली के सर्राफा बाजार के ये भाव देश के सभी शहरों में लागू नहीं होते। स्थानीय कीमतें, टैक्स और ज्वेलरी मेकिंग चार्ज अलग हो सकते हैं।
रुपये की मजबूती से सोने पर क्यों पड़ा असर?
भारत अपनी सोने की जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत आमतौर पर अमेरिकी डॉलर में तय होती है। ऐसे में रुपये की कीमत बढ़ने पर आयातकों के लिए सोना खरीदना अपेक्षाकृत सस्ता पड़ सकता है, जिससे घरेलू कीमतों पर दबाव बन सकता है।
बुधवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूत हुआ और शुरुआती आंकड़ों के अनुसार 94.43 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ। रुपये में इस मजबूती ने घरेलू बाजार में सोने की कीमतों को नीचे लाने में भूमिका निभाई।
महंगे कच्चे तेल ने बढ़ाई बाजार की चिंता
कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भी सोने-चांदी के बाजार को प्रभावित कर रही हैं। तेल महंगा होने से महंगाई बढ़ने की आशंका पैदा होती है। ऐसी स्थिति में केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख अपना सकते हैं।
जब ब्याज दरें ऊंची रहने की आशंका बढ़ती है, तो निवेशकों के लिए ब्याज देने वाले विकल्प आकर्षक हो सकते हैं। सोना नियमित ब्याज नहीं देता, इसलिए ऐसे माहौल में इसकी मांग पर दबाव पड़ सकता है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में बुधवार को हाजिर सोना लगभग 4,127.68 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था, जबकि चांदी करीब 57.72 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। वैश्विक बाजार में कमजोर रुझान ने भी घरेलू कीमतों को प्रभावित किया। आगे बढ़ेंगी या घटेंगी कीमतें?
आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों पर कच्चे तेल की चाल, रुपये की स्थिति, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दर संबंधी फैसलों का असर पड़ सकता है। पश्चिम एशिया के घटनाक्रम भी बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ा सकते हैं।
