ग्वालियर : मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास हुए दर्दनाक ट्रक हादसे ने कई परिवारों को उजाड़ दिया है। हादसे में 15 लोगों की मौत और 25 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है। इस घटना के बाद मृतकों के परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। रविवार सुबह अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस के बाहर बड़ी संख्या में पहुंचे परिवारों ने प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। परिजनों का आरोप है कि घायलों को अस्पताल पहुंचाने में देरी हुई और उन्हें अपने बच्चों की स्थिति के बारे में समय पर सही जानकारी नहीं दी गई।
Gwalior Accident: हादसे के बाद अस्पताल में हंगामा जानकारी के मुताबिक, शनिवार देर रात शीतला माता मंदिर की ओर जा रहे श्रद्धालुओं को एक अनियंत्रित ट्रक ने कुचल दिया। हादसे की खबर मिलते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। कई लोग इसकी चपेट में आ गए और बड़ी संख्या में श्रद्धालु घायल हो गए।
हादसे में अपनों को खोने वाले परिवार रविवार सुबह अस्पताल पहुंचे। वहां उन्हें अपने परिजनों की मौत की जानकारी मिलने और कथित तौर पर इलाज में देरी को लेकर नाराजगी जताई। परिवारों ने प्रशासन से जवाब मांगा कि आखिर हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य में क्या हुआ।
'हादसा रात 2 बजे हुआ तो अस्पताल 4 बजे क्यों लाया गया?' एक पीड़ित परिजन ने आरोप लगाया कि परिवार को रात तक यही बताया जाता रहा कि उनके बच्चे का इलाज चल रहा है। बाद में उन्हें उसकी मौत की जानकारी मिली। परिजन ने सवाल उठाया कि यदि हादसा रात करीब दो बजे हुआ था, तो घायल को अस्पताल सुबह चार बजे क्यों पहुंचाया गया।
परिवार का कहना है कि समय पर इलाज मिलता तो शायद उनके बच्चे की जान बच सकती थी। हालांकि, इलाज में देरी और मौत के बीच संबंध की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। इन आरोपों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
बेटे को खोने वाली मां ने पुलिस से पूछे सवाल हादसे में अपने बेटे दिव्यांश को खोने वाली मां ने भी पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी सुबह मिली। उनका आरोप है कि परिवार के सदस्यों को तलाशने पहुंची उनकी बेटी को पुलिस ने ऐसा करने से रोका और उन्हें परिजनों को खोजने में पर्याप्त मदद नहीं मिली।
एक अन्य महिला ने दावा किया कि उन्हें पहले बच्चे के ठीक होने की जानकारी दी गई, लेकिन बाद में उसकी मौत की खबर मिली। इन बयानों के बाद अस्पताल परिसर में शोक और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।
ग्वालियर ट्रक हादसा: प्रशासन पर उठे सवाल इस दर्दनाक घटना ने धार्मिक आयोजनों के दौरान यातायात व्यवस्था, भारी वाहनों की आवाजाही और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब पीड़ित परिवार हादसे की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
फिलहाल, हादसे की परिस्थितियों और परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की आधिकारिक जांच से ही पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी। प्रशासन की ओर से राहत कार्य और घायलों के उपचार को लेकर दी जाने वाली जानकारी पर भी लोगों की नजर बनी हुई है।
