बिहार के सिवान जिले के आलमपुर गांव में पटाखों में आग लगने के बाद हुए भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया। 23 अक्टूबर 2026 की शाम जामो बाजार थाना क्षेत्र में हुए इस हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था और रिहायशी इलाकों में पटाखा निर्माण को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। शुरुआती रिपोर्ट में तीन मौतों की पुष्टि हुई थी, जबकि बाद की मीडिया रिपोर्टों में मृतकों की संख्या पांच बताई गई। प्रशासन मामले की जांच कर रहा है।
सिवान ब्लास्ट: अमरुद्दीन के घर में कैसे हुआ विस्फोट? जानकारी के मुताबिक, आलमपुर गांव में मोहम्मद अमरुद्दीन के दो मंजिला मकान में पटाखों में आग लग गई। इसके बाद एक के बाद एक कई धमाके होने लगे। विस्फोट इतना तेज था कि मकान का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और मलबा सड़क तक फैल गया।
आग की लपटें आसपास रखे पटाखों तक पहुंचने के कारण धमाकों का सिलसिला काफी देर तक जारी रहा। स्थानीय लोगों के अनुसार, करीब दो घंटे तक रुक-रुककर विस्फोटों की आवाज सुनाई देती रही। इससे आसपास के लोगों में दहशत फैल गई और राहत एवं बचाव कार्य में भी परेशानी हुई।
आलमपुर के एक दर्जन घरों में पटाखा बनाने का काम स्थानीय लोगों के मुताबिक, आलमपुर गांव में लंबे समय से पटाखे बनाने और बेचने का काम होता रहा है। गांव के करीब एक दर्जन घरों में पटाखा निर्माण किए जाने की बात सामने आई है। शादी-विवाह, दीपावली, छठ और अन्य आयोजनों के दौरान यहां पटाखों की मांग बढ़ जाती है।
इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि रिहायशी मकानों में पटाखों का निर्माण और भंडारण किन परिस्थितियों में किया जा रहा था। प्रशासन अब लाइसेंस, सुरक्षा मानकों और संबंधित नियमों के पालन की जांच कर रहा है। हालांकि, इन गतिविधियों की वैधता की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
अमरुद्दीन के परिवार पर पहले भी टूट चुका है दुखों का पहाड़ स्थानीय जानकारी के अनुसार, अमरुद्दीन के परिवार में पहले भी पटाखा निर्माण से जुड़ा हादसा हो चुका था। वर्ष 2003 में उनके एक बेटे की पटाखा बनाने के दौरान मौत होने की बात सामने आई है। इसके अलावा, उनके बड़े बेटे आजाद आलम की वर्ष 2024 में हत्या कर दी गई थी।
लगातार दुखद घटनाओं के कारण यह परिवार पहले भी चर्चा में रहा है। हालांकि, इन पुरानी घटनाओं और मौजूदा विस्फोट के बीच किसी संबंध की पुष्टि नहीं हुई है।
थानाध्यक्ष और चौकीदार निलंबित, जांच तेज घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने कार्रवाई की है। जामो बाजार थानाध्यक्ष धीरज कुमार और स्थानीय चौकीदार चंद्रिका मांझी को निलंबित किए जाने की खबर है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि पटाखों का निर्माण और भंडारण किन परिस्थितियों में हो रहा था तथा सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं।
मौके पर जिला प्रशासन, पुलिस, दमकल, स्वास्थ्य विभाग और फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीमें पहुंचीं। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए गए हैं और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
रिहायशी इलाकों में पटाखा निर्माण पर उठे सवाल आलमपुर का यह हादसा पटाखों के सुरक्षित भंडारण, आग से बचाव और लाइसेंस की जांच की जरूरत को फिर सामने लाता है। घनी आबादी वाले इलाकों में विस्फोटक सामग्री का असुरक्षित भंडारण कई लोगों की जान को खतरे में डाल सकता है।
