चीन के तिब्बत क्षेत्र में गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 को शक्तिशाली भूकंप आया। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 7.0 दर्ज की गई। भूकंप के झटकों से क्षेत्र में हलचल मच गई। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, तत्काल किसी के हताहत होने या बड़े पैमाने पर नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी। हालांकि, स्थिति से जुड़ी विस्तृत जानकारी का इंतजार था।
भारत के नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के मुताबिक, भूकंप भारतीय समयानुसार रात करीब 8:03 बजे आया। एजेंसी ने इसकी गहराई लगभग 173 किलोमीटर बताई। वहीं, चीन के भूकंप नेटवर्क केंद्र (CENC) ने भूकंप का केंद्र उत्तरी तिब्बत के नागचू क्षेत्र में जमीन से करीब 10 किलोमीटर नीचे बताया। अलग-अलग एजेंसियों के शुरुआती आंकड़ों में गहराई को लेकर अंतर सामने आया है।
ल्हासा से करीब 400 किलोमीटर दूर था भूकंप का केंद्र
रिपोर्टों के मुताबिक, भूकंप का केंद्र तिब्बत की राजधानी ल्हासा से लगभग 400 किलोमीटर दूर था। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने भी उत्तरी तिब्बत में 7.0 तीव्रता के भूकंप की जानकारी दी। एजेंसियों के आंकड़ों में केंद्र की गहराई को लेकर अंतर होने के कारण आधिकारिक अपडेट पर नजर बनी हुई है।
फिलहाल सबसे अहम सवाल यह है कि भूकंप से प्रभावित इलाके में इमारतों, सड़कों और दूसरी बुनियादी सुविधाओं को कितना नुकसान पहुंचा है। शुरुआती रिपोर्टों में किसी बड़े नुकसान या जनहानि की तत्काल पुष्टि नहीं की गई थी।
हाल में बाढ़ और भूस्खलन से भी प्रभावित हुआ था क्षेत्र
तिब्बत में यह भूकंप ऐसे समय आया है, जब इससे पहले नेपाल-चीन सीमा के पहाड़ी क्षेत्र में बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं ने भारी तबाही मचाई थी। अगस्त के अंत में ग्लेशियर से जुड़ी घटना के बाद अचानक आई बाढ़ ने कई इलाकों को प्रभावित किया था। उस आपदा के बाद प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनर्वास का काम जारी था।
हालांकि, अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि ताजा भूकंप का पहले से प्रभावित इलाकों पर कितना असर पड़ा है। इसके लिए स्थानीय प्रशासन और संबंधित एजेंसियों की विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार करना होगा।
भूकंप आने पर क्या करें?
भूकंप के दौरान घबराने के बजाय सुरक्षित कदम उठाना जरूरी है। यदि आप किसी इमारत के अंदर हैं, तो मजबूत मेज के नीचे शरण लें और सिर तथा गर्दन को हाथों से ढकें। खिड़कियों, कांच और भारी सामान से दूर रहें। झटके जारी रहने तक बाहर की ओर भागने या लिफ्ट का इस्तेमाल करने से बचें।
यदि आप खुले स्थान पर हैं, तो इमारतों, बिजली के तारों और पेड़ों से दूर रहें। झटके रुकने के बाद क्षतिग्रस्त इमारतों में दोबारा प्रवेश न करें और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करें।
