4 मई 2026 का दिन भारतीय राजनीति के इतिहास में एक बड़े उलटफेर और भगवा लहर के नाम रहा। पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी के विधानसभा चुनाव परिणामों ने देश की राजनीतिक दिशा को एक नया मोड़ दे दिया है। विशेष रूप से पश्चिम बंगाल में, भाजपा ने ममता बनर्जी के 15 साल पुराने अभेद्य किले को ढहाते हुए बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है। इस शानदार जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता का आभार जताते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला है।
बंगाल में ऐतिहासिक परिवर्तन: 'दीदी' का किला ध्वस्त पश्चिम बंगाल की 294 सीटों पर आए रुझानों और नतीजों ने सबको चौंका दिया है। भाजपा ने यहाँ 180 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाते हुए 'सोनार बांग्ला' के अपने संकल्प की ओर कदम बढ़ा दिए हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) 100 सीटों के नीचे सिमटती नजर आ रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने इसे 'जनशक्ति की जीत' बताते हुए कहा कि बंगाल के लोगों ने भय और भ्रष्टाचार की राजनीति को नकार कर विकास को चुना है। असम और पुडुचेरी में फिर 'डबल इंजन' की सरकार असम में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में भाजपा नीत NDA ने लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी कर एक नया रिकॉर्ड बनाया है। वहीं, पुडुचेरी में भी एन. रंगासामी के नेतृत्व वाले गठबंधन पर जनता ने दोबारा भरोसा जताया है। इन जीत ने यह साफ कर दिया है कि पूर्वोत्तर से लेकर दक्षिण तक, मोदी सरकार की 'सबका साथ, सबका विकास' वाली नीति रंग ला रही है।
PM मोदी का संबोधन: 'जहां भाजपा वहां विकास' जीत के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया और सार्वजनिक संबोधन के जरिए कार्यकर्ताओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि आज के नतीजे यह साबित करते हैं कि देश की जनता अब केवल ठोस विकास और सुशासन चाहती है। जनता सब देख रही है जहाँ भाजपा है, वहाँ विकास की गारंटी है। बंगाल में लोकतंत्र की जीत हुई है और असम ने निरंतरता पर मुहर लगाई है।
पीएम मोदी ने बंगाल के कार्यकर्ताओं की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने सालों तक विपरीत परिस्थितियों में संघर्ष किया, जिसका फल आज 'कमल' के खिलने के रूप में मिला है।
विपक्ष के लिए बड़ा संदेश
इन चुनाव परिणामों को 2029 के लोकसभा चुनावों से पहले का लिटमस टेस्ट माना जा रहा था। बंगाल जैसी जगह पर टीएमसी की हार विपक्षी एकता (INDIA ब्लॉक) के लिए एक बड़ा झटका है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ध्रुवीकरण और भ्रष्टाचार के मुद्दों ने बंगाल में सत्ता परिवर्तन की नींव रखी।
