नेपाल के सबसे युवा प्रधानमंत्री बने बालेन शाह नेपाल में बालेन शाह ने इतिहास रचते हुए देश के सबसे युवा प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। उनके साथ सुधन गुरुङ ने विदेश मंत्री का पदभार संभाला। शाह की नियुक्ति को नेपाल की राजनीति में नई पीढ़ी के उदय के रूप में देखा जा रहा है।
शिक्षा सुधारों में बड़ा फैसला शपथ लेने के तुरंत बाद बालेन शाह ने शिक्षा क्षेत्र में अहम सुधारों का ऐलान किया।
- विश्वविद्यालयों में छात्र राजनीति पर रोक: शाह ने कहा कि शिक्षा संस्थानों को राजनीति से मुक्त रखना जरूरी है ताकि पढ़ाई पर पूरा ध्यान दिया जा सके।
- कक्षा 5 तक परीक्षा खत्म: उन्होंने घोषणा की है कि ग्रेड 5 तक छात्रों की कोई परीक्षा नहीं होगी। इससे बच्चों पर शुरुआती दबाव कम होगा और शिक्षा अधिक रचनात्मक बनेगी।
राजनीतिक और सामाजिक असर बालेन शाह के फैसले को नेपाल में शिक्षा सुधार की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। छात्र राजनीति पर रोक लगाने से विश्वविद्यालयों में पढ़ाई का माहौल बेहतर होने की उम्मीद है। वहीं प्राथमिक शिक्षा में परीक्षा खत्म करने से बच्चों के मानसिक विकास पर सकारात्मक असर पड़ेगा।
अंतरराष्ट्रीय महत्व बालेन शाह की युवा नेतृत्व शैली और सुधारवादी दृष्टिकोण नेपाल को नई दिशा दे सकते हैं। सुधन गुरुङ को विदेश मंत्री बनाए जाने से पड़ोसी देशों के साथ संबंधों में भी नई ऊर्जा आने की संभावना है।
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने शपथ लेते ही शिक्षा सुधारों का बड़ा ऐलान कर यह संदेश दिया है कि उनका नेतृत्व बदलाव और प्रगतिशील नीतियों पर आधारित होगा। यह कदम नेपाल की शिक्षा व्यवस्था और राजनीति दोनों में नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है।
