Jio Platforms IPO Listing Date: मुकेश अंबानी की कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को लेकर शेयर बाजार में काफी चर्चा है। ₹30,213 करोड़ का यह आईपीओ निवेशकों से शानदार प्रतिक्रिया हासिल करने के बाद अब लिस्टिंग के चरण में पहुंच गया है। आईपीओ का अलॉटमेंट 26 अक्टूबर 2026 को फाइनल हो चुका है और कंपनी के शेयर 28 अक्टूबर को NSE और BSE पर लिस्ट होने की संभावना है। ऐसे में निवेशकों की नजर अब शेयर की लिस्टिंग प्राइस और आगे की संभावनाओं पर टिकी है।
Jio Platforms IPO: निवेशकों से मिला शानदार रिस्पॉन्स
जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 21 से 23 अक्टूबर 2026 तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। कंपनी ने इस इश्यू के जरिए लगभग ₹30,213 करोड़ जुटाने की योजना बनाई। आईपीओ को कुल 22.19 गुना सब्सक्रिप्शन मिला।
इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) की श्रेणी को 70.55 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) की श्रेणी को 14 गुना और रिटेल निवेशकों की श्रेणी को 2.72 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। आंकड़े बताते हैं कि खासकर संस्थागत निवेशकों ने इस इश्यू में काफी दिलचस्पी दिखाई।
Jio IPO GMP: कितने प्रीमियम पर हो सकती है लिस्टिंग?
जियो आईपीओ के ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी GMP पर भी निवेशकों की नजर है। आईपीओ के दौरान उपलब्ध रिपोर्टों में इसका GMP करीब ₹247 तक बताया गया था। ₹1,119 के अपर प्राइस बैंड के मुकाबले यह लगभग 22.1 प्रतिशत प्रीमियम का संकेत देता है।
हालांकि, GMP अनौपचारिक बाजार का संकेतक है, लिस्टिंग प्राइस की गारंटी नहीं। इसमें लिस्टिंग से पहले बदलाव हो सकता है। वास्तविक कीमत बाजार की मांग, निवेशकों की धारणा और लिस्टिंग के दिन के कारोबारी माहौल पर निर्भर करेगी।
Jio IPO Listing के बाद निवेशक क्या करें?
बाजार विशेषज्ञों की राय में जियो के कारोबार में लंबी अवधि में विकास की संभावनाएं हैं। कंपनी की मजबूत ग्राहक संख्या, 5G नेटवर्क, ब्रॉडबैंड सेवाएं और डिजिटल कारोबार भविष्य में वृद्धि के प्रमुख आधार हो सकते हैं।
हालांकि, लिस्टिंग के दिन मिलने वाले संभावित मुनाफे और लंबे समय तक निवेश करने की रणनीति में अंतर है। यदि शेयर ऊंचे प्रीमियम पर लिस्ट होता है, तो जल्दबाजी में खरीदारी करने के बजाय कंपनी के मूल्यांकन और कारोबार की संभावनाओं का आकलन करना जरूरी होगा।
जिन निवेशकों को आईपीओ में शेयर नहीं मिले हैं, वे भी लिस्टिंग के बाद बाजार में शेयर खरीदने पर विचार कर सकते हैं। लेकिन केवल GMP या शुरुआती तेजी देखकर निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है।
Jio Platforms IPO: निवेशकों के लिए आगे क्या?
जियो प्लेटफॉर्म्स की शेयर बाजार में एंट्री भारतीय आईपीओ बाजार की बड़ी घटनाओं में से एक है। अब सभी की नजर 28 अक्टूबर की लिस्टिंग पर रहेगी। निवेशकों को कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, भविष्य की विकास योजनाओं और शेयर के मूल्यांकन को ध्यान में रखकर फैसला लेना चाहिए।
