पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के बाद राज्य में राजनीतिक हिंसा का तांडव शुरू हो गया है। चुनाव परिणाम आने के महज 24 घंटों के भीतर राज्य के विभिन्न हिस्सों से भारी हिंसा, आगजनी और हत्याओं की खबरें सामने आ रही हैं। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई है कि प्रशासन ने निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के आवासों से अतिरिक्त सुरक्षा घेरा हटा लिया है।
24 घंटे में 4 हत्याएं
राज्य में चुनावी रंजिश ने हिंसक रूप ले लिया है। पिछले 24 घंटों के दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बीच हुई झड़पों में कुल 4 कार्यकर्ताओं की जान चली गई है। कूचबिहार और उत्तर 24 परगना: इन जिलों में राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के चलते कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया गया है।
हिंसा का सिलसिला: कई इलाकों में विपक्षी कार्यकर्ताओं के घरों और दुकानों में तोड़फोड़ की गई है, जिससे आम जनता के बीच भारी दहशत का माहौल है।
TMC कार्यालय पर चला बुलडोजर
उत्तर बंगाल के कुछ हिस्सों से एक हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई है, जहाँ टीएमसी के एक स्थानीय कार्यालय को बुलडोजर से ढहा दिया गया है। स्थानीय लोगों और विपक्षी समर्थकों का आरोप है कि यह कार्यालय अवैध रूप से सरकारी जमीन पर कब्जा करके बनाया गया था। सत्ता परिवर्तन की सुगबुगाहट के बीच इस 'बुलडोजर एक्शन' को राज्य की बदलती राजनीतिक दिशा के रूप में देखा जा रहा है। ममता और अभिषेक बनर्जी की सुरक्षा में कटौती एक बड़े प्रशासनिक फेरबदल के तहत, कोलकाता के कालीघाट स्थित ममता बनर्जी के आवास और अभिषेक बनर्जी के घर की सुरक्षा में भारी कटौती की गई है। सुरक्षा कवर: मुख्यमंत्री पद से संभावित विदाई और चुनावी हार के बाद, उनके आवास के बाहर तैनात अतिरिक्त पुलिस बल और बैरिकेड्स को हटा दिया गया है।
राज्यपाल की सख्त चेतावनी
राज्य में बढ़ती हिंसा को देखते हुए राज्यपाल आर.एन. रवि ने मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (DGP) को तलब किया है। राज्यपाल ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी कीमत पर कानून-व्यवस्था को बिगड़ने न दिया जाए। उन्होंने कहा कि "लोकतंत्र में हिंसा का कोई स्थान नहीं है और उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।"
बीजेपी और टीएमसी के आरोप-प्रत्यारोप
जहाँ बीजेपी ने आरोप लगाया है कि टीएमसी के "गुंडे" हार की बौखलाहट में उनके कार्यकर्ताओं को निशाना बना रहे हैं, वहीं टीएमसी का कहना है कि केंद्रीय बलों की मौजूदगी के बावजूद बीजेपी समर्थित लोग शांति भंग करने की कोशिश कर रहे हैं।
