मध्य पूर्व (Middle East) में मंडरा रहे महाविनाश के बादलों के बीच एक बड़ी राहत भरी खबर आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को दी गई अपनी 8:00 PM (ET) की डेडलाइन खत्म होने से महज कुछ घंटे पहले दो सप्ताह के युद्धविराम (Ceasefire) का ऐलान किया है। ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि अगर तय समय तक समझौता नहीं हुआ, तो ईरान की "पूरी सभ्यता" को भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है।
ट्रंप की डेडलाइन और 'पावर प्लांट डे' की चेतावनी
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बेहद कड़े शब्दों में ईरान को चेतावनी दी थी। उन्होंने मंगलवार (7 अप्रैल 2026) को "Power Plant Day and Bridge Day" घोषित करने की धमकी दी थी, जिसका अर्थ था कि यदि ईरान हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को पूरी तरह नहीं खोलता, तो अमेरिका ईरान के पावर ग्रिड और बुनियादी ढांचे को पूरी तरह तबाह कर देगा।
ट्रंप का बयान: "अगर वे डील नहीं करते हैं, तो मैं सब कुछ उड़ाने और तेल पर नियंत्रण करने पर विचार कर रहा हूँ।"
*दो हफ्ते का सीजफायर: क्या है डील?
वैश्विक मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान और अन्य मध्यस्थों के दखल के बाद ईरान ने एक 10-सूत्रीय शांति प्रस्ताव पेश किया है। ट्रंप ने इस प्रस्ताव को "काम करने योग्य आधार" (Workable Basis) बताते हुए हमलों को 14 दिनों के लिए टालने पर सहमति जताई है।
इस समझौते की मुख्य शर्तें:*
हॉर्मुज जलडमरूमध्य को खोलना: ईरान तत्काल प्रभाव से इस महत्वपूर्ण तेल मार्ग को अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए सुरक्षित खोलेगा।
हमलों पर रोक: अगले 14 दिनों तक अमेरिका और इज़राइल ईरान पर कोई नए हवाई हमले नहीं करेंगे।
स्थायी समाधान की तलाश: इस दो सप्ताह की अवधि का उपयोग युद्ध को स्थायी रूप से समाप्त करने के लिए अंतिम समझौते (Final Agreement) को तैयार करने में किया जाएगा।
वैश्विक तेल बाजार पर असर
इस तनाव के कारण कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें आसमान छू रही थीं। ब्रेंट क्रूड $110 प्रति बैरल के पार निकल गया था। हालांकि, सीजफायर की खबर के बाद बाजार में थोड़ी स्थिरता आने की उम्मीद है, क्योंकि दुनिया का 20% तेल इसी रूट से होकर गुजरता है।
आगे क्या होगा?
ईरान की 'सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल' ने युद्धविराम को स्वीकार कर लिया है, लेकिन इज़राइल ने स्पष्ट किया है कि यह समझौता लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ उसकी कार्रवाई को प्रभावित नहीं करेगा। दुनिया की नजरें अब अगले 14 दिनों पर टिकी हैं कि क्या यह अस्थायी शांति एक स्थायी संधि में बदल पाएगी या 20 अप्रैल के बाद संघर्ष और भीषण रूप लेगा।
