काशी (वाराणसी) में हनुमान जयंती 2026 को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। श्री हनुमत सेवा समिति द्वारा आयोजित 23वीं हनुमान ध्वज यात्रा इस बार पहले से भी अधिक भव्य होने जा रही है। 2 अप्रैल को निकलने वाली यह यात्रा श्रद्धा, भक्ति और सांस्कृतिक वैभव का अद्भुत संगम पेश करेगी।
1 लाख ध्वजों से सजेगा काशी का माहौल इस बार यात्रा की सबसे बड़ी खासियत करीब 1 लाख ध्वज हैं, जो पूरी यात्रा को विशेष स्वरूप देंगे। इन ध्वजों में हजारों छोटे झंडों के साथ 5100 बड़े ध्वज भी शामिल हैं। खास बात यह है कि इन ध्वजों के निर्माण में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया, जिन्होंने लगभग एक महीने तक मेहनत कर इन्हें तैयार किया।
हजारों श्रद्धालु होंगे शामिल इस धार्मिक आयोजन में 30 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के शामिल होने का अनुमान है। इनमें करीब 15 हजार महिलाएं भी होंगी। भक्त नंगे पांव ध्वज लेकर यात्रा में शामिल होंगे, जिससे यह आयोजन आस्था और समर्पण का जीवंत उदाहरण बन जाएगा।
1100 गदाधारी भक्त बनेंगे आकर्षण यात्रा का एक प्रमुख आकर्षण 1100 गदाधारी भक्त होंगे, जो हाथों में गदा लेकर चलेंगे। गदा भगवान हनुमान की शक्ति और पराक्रम का प्रतीक मानी जाती है, ऐसे में यह दृश्य यात्रा की भव्यता को और बढ़ा देगा और श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगा।
सेवा और व्यवस्था का विशेष ध्यान श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए पूरे मार्ग पर 250 से अधिक सेवा स्टॉल लगाए जाएंगे। इन स्टॉलों पर फल, मिठाई, जूस, छाछ, लस्सी और सूखे मेवे जैसे फलाहार की व्यवस्था रहेगी। इससे हजारों भक्तों को यात्रा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।
3 किलोमीटर लंबी होगी यात्रा आयोजकों के अनुसार यात्रा के दौरान करीब 3 किलोमीटर लंबी श्रद्धालुओं की कतार देखने को मिल सकती है। नंगे पांव ध्वज लेकर चलते भक्तों का यह दृश्य भक्ति और अनुशासन का अनोखा संगम प्रस्तुत करेगा।
भव्य रथ और संकीर्तन से गूंजेगा माहौल यात्रा में धार्मिक और सांस्कृतिक झलक भी खास होगी। लगभग 60 फीट लंबे भव्य रथ पर भगवान श्रीराम का दरबार सजाया जाएगा। इसके साथ ही पूरे मार्ग में भजन-कीर्तन, राम नाम संकीर्तन और डमरू की गूंज से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो जाएगा।
तय मार्ग से होकर पहुंचेगी यात्रा यह ध्वज यात्रा भिखारीपुर तिराहे से शुरू होकर नेवादा, सुंदरपुर, नरिया और बीएचयू होते हुए लंका मार्ग के रास्ते संकट मोचन हनुमान मंदिर तक पहुंचेगी। रास्ते भर श्रद्धालुओं का स्वागत पुष्प वर्षा और सेवा कार्यों से किया जाएगा।
501 किलो लड्डू का भोग हनुमान जयंती के पावन अवसर पर भगवान को 501 किलो लड्डू का भोग लगाया जाएगा। इसके बाद इस प्रसाद को श्रद्धालुओं में वितरित किया जाएगा, जिससे भक्तों की आस्था और उत्साह और बढ़ेगा।
देशभर से पहुंचेंगे श्रद्धालु इस आयोजन में केवल काशी ही नहीं, बल्कि देश के विभिन्न राज्यों से भी श्रद्धालु शामिल होंगे। इससे यह आयोजन राष्ट्रीय स्तर पर एक भव्य धार्मिक उत्सव का रूप लेता नजर आएगा।
